TPL_GK_LANG_MOBILE_MENU

User Rating: 5 / 5

Star activeStar activeStar activeStar activeStar active
 

राजनीति में जातीय गोलबंदी बड़ी फायदे की चीज है. इससे चुनावी बैतरणी पार करने में खूब मदद मिलती है. यूपी में मुलायम सिंह यादव ने राजपूतों को लुभाने के लिए महाराणा प्रताप की जयंती पर अवकाश घोषित किया तो केंद्र में कद्दावर मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराणा प्रताप को लक्षित कर बयान दे दिया जिससे क्षत्रियों में उनका कद बढ़ने की संभावना है. राजनाथ सिंह वैसे भी राजपूत होने के कारण ठाकुरों के बड़े नेता माने जाते हैं.

राजनाथ के मुताबिक महाराणा प्रताप को महान कहने में क्यों है आपत्ति, सीबीएसइ के पाठ्यक्रम में शामिल करने का करूंगा अनुरोध. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने महाराणा प्रताप को महान बताते हुए कहा कि वह मानव संसाधन मंत्री से महाराणा प्रताप की गाथा को सीबीएसई के पाठयक्रम में शामिल करने संबंध में आग्रह करेंगे. गृहमंत्री ने प्रतापगढ में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अकबर को महान कहने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह बात उनकी समझ से परे है कि महाराणा प्रताप को महान कहने में क्या आपत्ति हो सकती है.

उन्होंने कहा, 'मैं यह मानता हूं कि महाराणा प्रताप भी महान थे और महाराणा प्रताप की चर्चा होने पर तुरंत मेवाड की धरती का स्मरण आ जाता है.' महाराणा प्रताप की जीवनी को विस्तार में पढाने के संबंध में राजस्थान सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत सरकार भी महाराणा प्रताप की गाथा को केवल भारत में नहीं पूरे विश्व में पहुंचाने का प्रयास करेगी.

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की 475वीं जयंती पूरे हिंदुस्तान में मनायी जायेगी और दुनिया के अन्य देशों मे रहने वाले भारतीय भी महाराणा प्रताप की जयंती मनायेंगे. राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया. लेकिन भारत के इतिहास में जिस प्रकार से महाराणा प्रताप का मूल्यांकन होना चाहिए था उतना सही मूल्यांकन नहीं हो पाया.

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप देश में नहीं विदेश में भी प्रेरणा के स्रोत रहें है. वियतनाम द्वारा अमेरिका की सेना के खिलाफ संघर्ष और सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वियतनाम को प्रेरणा महाराणा प्रताप के जीवन से मिली थी और यह बात खुद वियतनाम के राष्ट्रपति ने बतायी थी. उन्होंने कहा कि वियतनाम के तत्कालीन विदेश मंत्री भी अपनी भारत यात्रा के दौरान उदयपुर में आकर महाराणा प्रताप को श्रृद्घांजलि दी थी.

देश की आजादी के लिये अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले महाराणा प्रताप, पन्ना धाय, छत्रपति शिवाजी सहित विभिन्न महापुरुषों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि सभी महा पुरुषों के पराक्रम, शौर्य और वीरता को सदैव याद रखा जायेगा. उन्होंने कहा कि राजस्थान मीरा की भक्ति, पन्नाधाय की युक्ति और प्रताप की शक्ति की धरती है जिसने हिन्दुस्तान के गौरव को बढाने का काम किया है. सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप की वीरता, शौर्य, देश भक्ति को काल और भूगोल की सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता है.

सर्वाधिक लोकप्रिय पोस्ट

Follow Us>      Facebook         Twitter         Google+