TPL_GK_LANG_MOBILE_MENU

प्रदेश

JARNAIL ON CHIDAMBRAM'S ADVISE TO FORGET 1984

User Rating: 0 / 5

Star inactiveStar inactiveStar inactiveStar inactiveStar inactive

: Written below is a statement in response to Home Minister P. Chidambram's statement on 1984 : Before making such statement he should give advise to Congress President Smt. Sonia Gandhi to dismiss Sajjan Kumar and Jagdeesh Tytler from primary membership of Congress party. Only then Sikhs would assume he is serious enough to speak on this issue.

Read more: JARNAIL ON CHIDAMBRAM'S ADVISE TO FORGET 1984

‘स्लटवॉक’ आंदोलन : नग्न नितंब प्रदर्शनों का दौर भारत में भी

  • Written by सुधीश पचौरी
  • Category: प्रदेश

User Rating: 5 / 5

Star activeStar activeStar activeStar activeStar active

आम हिंदुस्तानी पहले चौंकता है, फिर भौंकता है, फिर टोकता है, फिर रोकता है, फिर खुद चौंकाने वालों में शामिल हो जाता है। एक बार फिर ऐसा ही दोहराने जा रहा है। एक अंगरेजी अखबार ने चित्र समेत बड़ी खबर छापी है, जिसमें एक बेहद मोटी औरत अपने नग्न नितंब प्रदर्शित कर रही है। कुछ और औरतें भी कुछ न कुछ प्रदर्शित कर रही हैं। चित्र बड़ा है, पढ़ने वाले का ध्यान खींचता है। उसे चौंकाता है, लुभाता है।

Read more: ‘स्लटवॉक’ आंदोलन : नग्न नितंब प्रदर्शनों का दौर भारत में भी

राजनैतिक दल मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी नियम नहीं चाहते!

  • Written by अमिताभ एवं नूतन ठाकुर
  • Category: प्रदेश

User Rating: 0 / 5

Star inactiveStar inactiveStar inactiveStar inactiveStar inactive

जन लोकपाल को को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा यदि किसी बात को लेकर हो रही है तो वह यह कि  राजनैतिक दल मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी नियम नहीं चाहते और जब कतिपय जागरूक सिविल सोसायटी के लोग इस देश के उत्थान के लिए एक ऐसा भ्रष्टाचार विरोधी क़ानून और संस्था लाना चाह रहे हैं जिससे इस देश में भ्रष्ट आचरण करने की गुंजाइश ही समाप्त हो जाए तो नेताओ द्वारा इसमें तमाम व्यवधान डाला जा रहा है. लोकपाल को लेकर ऐसी कल्पना की जा रही है कि यह एक ऐसी संस्था होगी जो भ्रष्टाचार का समूल वध कर देगी और इसके दायरे से कोई नहीं बच सकता चाहे वह प्रधानमंत्री हों या किसी सरकारी दफ्तर का बाबू. Read more: राजनैतिक दल मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी नियम नहीं चाहते!

राजनेता और अधिकारी बेईमान होते हैं और सोशल एक्टिविस्ट ईमानदार!

  • Written by अमिताभ एवं नूतन ठाकुर
  • Category: प्रदेश

User Rating: 0 / 5

Star inactiveStar inactiveStar inactiveStar inactiveStar inactive

आज के समय एक बड़ी भ्रान्ति जो पूरे समाज में फैलाई जा रही है वह यह कि राजनेता और अधिकारी बेईमान होते हैं और इस कारण लोकपाल या ऐसी संस्थाओं में बाहर के लोग लाये जाने चाहिए. जिस तरह से सिविल सोसायटी द्वारा जन लोकपाल बिल प्रस्तुत किया गया उसमे तो जजों तक की संख्या सीमित करने की बात कही गयी. हमारा यह साफ़ मत है कि इस प्रकार की धारणा ना सिर्फ पूर्णतया गलत है वरन सिद्धांत रूप में भी सही नहीं ठहरता. Read more: राजनेता और अधिकारी बेईमान होते हैं और सोशल एक्टिविस्ट ईमानदार!

सर्वाधिक लोकप्रिय पोस्ट

Follow Us>      Facebook         Twitter         Google+