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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कार्यरत मीडियाकर्मियों के वेतन और अन्य सुविधाओं के लिए जल्दी ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने पर उत्तर प्रदेश की स्थिति की रिपोर्ट जल्दी ही तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री शाहिद मंजूर ने मजदूर दिवस के मौके पर इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) के प्रतिनिधि मंडल को यह आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मीडिया कर्मियों को स्वास्थ सुविधाएं दिए जाने को लेकर भी उचित कदम उठाएगी।

आईएफडब्लूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी, राष्ट्रीय सचिव व लखनऊ श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कलहंस के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने श्रम मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में मजीठिया वेड बोर्ड की सिफारिशों को लागू किए जाने के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका पर जारी आदेशों पर उत्तर प्रदेश की ओर से कोई कदम न उठाए जाने को लेकर चिंता जतायी गयी। ज्ञापन में श्रम मंत्री से अनुरोध किया गया कि विागीय अधिकारियों से अविलंब मजीठिया आयोग के अनुपालन को लेकर उत्तर प्रदेश के अखबारों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाए।

हेमंत तिवारी ने श्रम मंत्री को आगाह किया कि उत्तर प्रदेश के कई बड़े अखबार मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरुप वेतन देने से बचने के लिए मीडियाकर्मियों को अन्यत्र सेवारत व नियमित सेवा में न होने जैसे हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने श्रम विभाग से कड़ाई से व वास्तविक जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया। आईएफडब्लूजे प्रतिनिधि मंडल ने श्रम मंत्री से मीडिया में काम करने वाले सभी पत्रकारों को एक जैसी स्वास्थ्यसुविधा दिए जाने की मांग की। तिवारी ने कहा कि अखबार कर्मियों, डेस्क सहित, को पूर्व की भांति चिकित्सा कार्ड जारी किया जाए। श्रम मंत्री के आईएफडब्लूजे प्रतिनिधि मंडल से कहा कि वह मजीठिया के अनुपालन को लेकर गंभीर है व इस संदर्भ में पत्रकारों व अखबारों के मालिकों की एक समिति का गठन करना चाहते हैं।

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