उर्दू के कीट्स कहे जाने वाले मशहूर शायर असरार उल हक मजाज़ उर्फ ‘मजाज़ लखनवी’ का जन्म शताब्दी समारोह ‘सुब्ह-ए-नौ’ 24 अक्टूबर को लखनऊ के भारतेंदु नाट्य अकादमी के सभागार में मनाया जाएगा. इस आयोजन में देश और विदेश की कई नामचीन अदबी हस्तियां शिरकत करेंगी. समारोह का आयोजन लखनऊ सोसाइटी की तरफ से किया जा रहा है जो कि लखनऊ की तहजीब के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से काम कर रही है.


संस्था के सदस्य आरजू के बताया कि 1911 में रूदौली में जन्मे मजाज लखनवी का उर्दू की रूमानी और तरक्कीपसंद दोनों रंग की शायरी में अहम स्थान है. मजाज़ जन्मशताब्दी समारोह ‘सुब्ह-ए-नौ’ के अन्तर्गत 24 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 8 बजे तक होने वाले कार्यक्रम में पहले मजाज लखनवी की शख्सियत और शायरी पर एक सेमिनार होगा. जिसमें उर्दू शायरी के गहरे जानकार मजाज़ के व्यक्तित्व और शायरी के बारे में अपने विचार रखेंगे. इनमें मजाज़ के साथी रहे बर्लिन (जर्मनी) के आरिफ नकवी, जेएनयू के भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. शारिब रूदौलवी, वयोवृद्ध शायर और आलोचक मलिकजादा मंजूर अहमद, उर्दू के वरिष्ठ साहित्यकार आबिद सोहैल, लखनऊ विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के अध्यक्ष डा.अनीस अशफाक आबिदी आदि अपने विचार रखेंगे.

इसके बाद मजाज़ को समर्पित शेरी नशिस्त (काव्य गोष्ठी) में देश के जाने-माने शायर अपना कलाम पेश करेंगे. इनमें मुनव्वर राना, अनवर जलालपुरी, रईस अंसारी, नसीम निकहत और निर्मल दर्शन आदि शायर शामिल हैं. इसके साथ ही कार्यक्रम में मशहूर गजल गायक कुलतार सिंह भी मजाज़ की हस्ताक्षर नज्म ‘आवारा’ (ऐ गमे दिल क्या करूं, ऐ वहशते दिल क्या करूं) की प्रस्तुति करेंगे. कार्यक्रम में प्रवेश सिर्फ पास के जरिए पाया जा सकता है. जो कि आरजू (9415123232) और अंकित (8756141414) से सम्पर्क करके नि:शुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं. प्रेस रिलीज

 

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