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मनोरंजन

नोएडा में जीआईपी से बड़ा माल खुल गया, एमओआई यानि Mall Of India

  • Written by मणिका मोहिनी
  • Category: मनोरंजन

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नोएडा में नया मॉल खुला है, Mall Of India. बहुत बड़ा है, GIP Mall से भी बड़ा. इसमें सारे ब्रैंडेड स्टोर हैं. अभी पूरे स्टोर नहीं खुले हैं, खुल रहे हैं. तीन parking layers हैं. Chili's रेस्टोरेंट एक बड़ी चेन का रेस्टॉरेंट है, जिसमे अमेरिकन खाना मिलता है. कल मनु का जन्मदिन हमने यहाँ डिनर से सेलेब्रेट किया. क्या विस्तार है ! क्या decor है ! क्या ambiance है ! हम 'बार' वाले हिस्से में बैठे थे (नहीं, बार अभी शुरू नहीं हुआ है, may be, waiting for the licence.) उस एक हिस्से में 13 LED (must be 150") साथ-साथ ऐसे लगे थे जैसे टीवी की दुकान हो. What an idea, Sir ji. इससे पहले हमने साकेत मॉल के Chili's में खाना खाया था पर इसके मुकाबले वह कुछ भी नहीं. आइए हमारे नॉएडा में और मज़े लीजिए पॉश मॉल्स और पॉश food chains के.

सोशल मीडिया एक्टिविस्ट मणिका मोहिनी के एफबी वॉल से.

खेलेंगे हम होली : ये जितने भी लोग पानी बचाने का आह्वान करते हैं, सब के सब टब में नहाते हैं!

  • Written by अनुज अग्रवाल
  • Category: मनोरंजन

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होली है. पर्यावरण पर बहस छिड़ेगी ही. मीडिया सूखे की तस्वीरें दिखायेगा. बताएगा कि महाराष्ट्र में किसान पानी की कमी वजह से सुसाइड कर रहे हैं. हमको पानी बचाना है. इस बार जो हमने पानी से होली खेली तो धरती पर २/३ की जगह १/१० जगह भाग ही पानी रह जायेगा. फिर "तिलक होली" टाइप कोई नया जुमला उछाला जायेगा. ये भी बताएंगे कि ग्रीन हाउस इफेक्ट भी होली पर पानी बर्बाद करने के कारण हुआ हैय ओजोन में छेद भी होली के ही कारण हुआ है. फिर अपन सब "सूखी होली" खेलेंगे और शाम को थम्स अप, पेप्सी, चढ़ाएंगे बिना ये जाने कि कितना पानी इन्हें बनाने में बर्बाद होता है. मटन चिकन का प्रोग्राम भी बनेगा क्योंकि इनको धोने में भी पानी बर्बाद नहीं होता.

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14 मार्च : पहली बोलती फिल्म आलम आरा के बरक्स

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हर दिन गुजरने के साथ तारीख बदल जाती है. यह क्रम हमारे जीवन में नित्य चलता रहता है किन्तु कुछ तारीखें बेमिसाल होती हैं. बेमिसाल होने के कारण इन तारीखों को हम शिद्दत से याद करते हैं. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ऐसी कई तारीखें हैं जो हमें रोमांचित करती हैं तो आपातकाल की वह तारीख भी हमें भूलने नहीं देती कि किस तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नकेल डाला गया था. इन सबसे इतर यहां पर हम उन बेमिसाल तारीखों का जिक्र कर रहे हैं जिन तारीखों ने हमारे सांस्कृतिक वैभव को लगातार उन्नत किया है. दादा साहेब फाल्के ने भारत में सिनेमा की शुरूआत कर एक नई विधा को जन्म दिया. आरंभिक दिनों में सिनेमा में काम करना बहुत अच्छी दृष्टि से नहीं देखा जाता था किन्तु सौ साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद सिनेमा की समाज में स्वीकार्यता न केवल कला विधा के रूप में हुई बल्कि रोजगार की दृष्टि से भी इसे मंजूर किया गया.

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ब्रज की होली और नारी सशक्तिकरण

  • Written by विवेक दत्त मथुरिया
  • Category: मनोरंजन

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कान्हा यानी श्रीकृष्ण का हर वह कर्म जो समाज परिवर्तन की प्रगतिशील चेतना से जुड़ा सरोकार है, जिसे भक्त लीला कहते है। ब्रज में होली की उन्मक्त परंपरा नारी प्रगतिशीलता और सशक्तीकरण से जुड़ा संदेश हैं। जिसे हम सामाजिक रूप से लागू करने में अपने को विफल पाते हैं। होली रूपी नारी स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के कृष्ण के संदेश को महज धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा बना रख छोड़ा है। घर की चार दीवारी में कैद रहने वाली ब्रज गोपियों को हाथ में लठ्ठ पकड़ा गोपों के ऊपर प्रहार की प्रेरणा में आत्मरक्षा और आत्म सम्मान का संदेश निहित है। महिलाओं को लेकर कृष्ण के प्रगतिशील समाज निर्माण के संदेश को नित्य आचरण में उतारने में संकोच इस बात की पुष्टि करता है कि हम कृष्ण को मानते हैं, पर कृष्ण की नहीं मानते हैं। प्रगतिशीलता की दृष्टि से आज का समाज कृष्णकाल के मुकाबले पुरुष अंह की बेड़ियों में जकड़ा है। कृष्ण रूपी महानायक को व्यापक सामाजिक सरोकारों से काटकर धार्मिक आवरण में निज 'आनंद और मुक्ति' का सुलभ साधन बना लिया है। कृष्ण नाम पर 'भोग और आनंद' की संस्कृति आज बाजार के रूप में खड़ी है।

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संचार माध्यम के लिए जरूरी किताब ‘कम्युनिटी रेडियो’

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संचार माध्यमों का निरंतर विकास हो रहा है और इस विकास के क्रम में सामुदायिक रेडियो का जन्म हुआ. सामुदायिक रेडियो जिसे अंग्रेजी में कम्युनिटी रेडियो पुकारा गया, एक बड़े ही ताकत के रूप में अपनी दुनिया का विस्तार कर रहा है. कम्युनिटी रेडियो दुनिया के संचार माध्यमों में नहीं है किन्तु भारत में अभी यह शैशव अवस्था में है. लगभग एक दशक पहले कम्युनिटी रेडियो को लेकर भारत सरकार ने नीति बनायी. इस नीति के तहत प्रथम चरण में तय किया गया कि कम्युनिटी रेडियो आरंभ करने हेतु लायसेंस शैक्षणिक संस्थाओं को दिया जाए किन्तु इसे और विस्तार देते हुए स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से कम्युनिटी रेडियो संचालन हेतु लायसेंस देने पर सहमति बनी.

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