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फेसबुक से जानें ट्रेन का हाल, मोबाइल के जरिए ट्रेन टिकट लें

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तकनालजी ने तेजी से चेहरा बदला है. हर तरफ बदलाव की बयार है. ट्रेन यात्रा को भी तकनालजी से जोड़ा जा रहा है. अब मोबाइल से ट्रेन के टिकट बुक कर सकेंगे और फेसबुक के जरिए ट्रेन का स्टेटस जान सकेंगे कि कौन ट्रेन लेट है और कौन कहां तक पहुंची है. अगर आप कहीं जाना ट्रेन से जाना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि वो कहां से कितने बजे चलेगी तो इसकी जानकारी के लिए आपको सिर्फ फेसबुग लॉग इऩ करना होगा. कौन सी ट्रेन कितनी लेट है इसकी जानकारी भी आपको बुधवार से मिलनी शुरु हो जाएगी. लेकिन फिलहाल नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली  और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों की जानकारी ही फेसबुक पर उपलब्ध होगी. रेलवे ने इन स्टेशनों पर इलैक्ट्रिक कलर डिस्प्ले बोर्ड लगा रखे हैं जिन्हे फेसबुक पर लाइव देखा जा सकता है. रेलवे के इस कदम के बाद यात्रियों की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी. इससे यात्रियों को अपनी ट्रेन की जानकारी के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा. फेसबुक की लोकप्रियता के कारण रेलवे यह कदम उठा रहा है. रेलवे ने फेसबुक पर दिल्ली डिवीजन के नाम से एक पेज बनाया है इस पर नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दी स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों की जानकारी अपलोड की जा रही है.

इसी तरह रेल टिकट बुक कराने के लिए आपको लंबी लाइनों में लगना नहीं पड़ेगा बल्कि एसएमएस से आपको ट्रेन की टिकट मिल जाएगी. रेलवे की इस सेवा का यात्री काफी समय से इंतजार कर रहे थे लेकिन अब उनका इंतजार खत्म होने जा रहा है अगले महीने जुलाई में इस सेवा के शुरु होने की संभावना जताई जा रही है. आईआरसीटीसी रोज तकरीबन दो लाख 80 हजार से ज्यादा टिकटों की बिक्री करता है और तत्काल टिकट के लिए प्रतिदन ढाई से तीन करोड़ लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट को खंगालते हैं जबकि होली, दिवाली जैसे त्यौहारों के सीजन में यह संख्या 4 करोड़ तक पहुंच जाती है. रेलवे की मोबाइल टिकट रिजर्वेशन के जरिए आप अपने स्मार्टफोन के जरिए टिकट बुक कर सकेंगे जिसके बाद रेलवे आपके पास टिकट की इमेज भेजेगा यह इमेज यात्रा के लिए मान्य होगी इस इमेज का प्रिंट लेने की जरुरत भी नहीं होगी लेकिन यात्रियों को अपना पहचान पत्र साथ रखना होगा.

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जिसके बाद विभाग एक आईडी और पासवर्ड जारी करेगा जिसके बाद यात्री अपने मोबाइल से टिकट बुक करवा पाएंगे. टिकट बुक कराने के लिए भुगतान डेबिट या क्रेडिट कार्ड से कर सकते हैं इसके लिए रेलवे ने सभी प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंकों से समझौता कर लिया है.

महंगाई डायन को सरकारी समर्थन, गरीबों की दुर्दशा

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महंगाई डायन की महत्वाकांक्षाएं कम नहीं हो रही हैं. सुरसा की तरह यह फैलती जा रही है. सरकार इसे सपोर्ट देने की मुद्रा में है. तभी तो महंगाई डायन का मनोबल बढ़ा हुआ है. इसी कारण महंगाई पर जल्दी काबू पा लेने के सरकारी दावों की एक बार फिर से हवा निकलती दिख रही है. दरअसल 28 मई को खत्म हुए हफ्ते में खाने-पीने के चीजों की महंगाई दर करीब 1 फीसदी बढ़कर 9.01 फीसदी के स्तर पर जा पहुंची है. इसके पिछले हफ्ते यानी 21 मई को खत्म हुए सप्ताह में खाद्य महंगाई दर 8.06 फीसदी पर रही थी. मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़े आम लोगों और सरकार दोनों के लिए ही परेशानी का सबब बन गए हैं. समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान आवश्यक वस्तुओं की महंगाई दर आधे फीसदी से ज्यादा बढ़कर 11.5 फीसदी के पार पहुंच गई है. 21 मई को खत्म हफ्ते में आवश्यक वस्तुओं की महंगाई दर 10.87 फीसदी पर थी. थोड़ी राहत की बात यह है कि ताजा आंकड़ों में ईंधन समूह की महंगाई दर घटकर 12.46 फीसदी पर आ गई है. 21 मई को खत्म हफ्ते में ईंधन समूह की महंगाई दर 12.54 फीसदी पर रही थी. महंगाई लगातार बढ़ने से आम जनजीवन का हाल बेहाल है. महांगाई से त्रस्त लोगों को सरकार लगातार यही सांत्वना दे रही है कि आने वाले महीने में महंगाई से राहत मिल जाएगी. लेकिन मुद्रास्फीति के आंकड़े आम लोगों के साथ-साथ सरकार को भी निराश कर रही है और सरकार के दावों की पोल खुल रही है. स्कूल और कॉलेज का नया सत्र शुरू होने वाला है. इससे माता-पिता पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं. ऐसा नहीं कि महंगाई सिर्फ खाने पीने की चीजों में बढ़ी है. पढ़ाई लिखाई बहुत महंगा होता जा रहा है. हर तरफ से जेब आम जनता की ढीली हो रही है. पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट, किराया, भाड़ा, ढुलाई, किसानी आदि पर महंगाई का बोझ पड़ा है. इससे तकलीफ सिर्फ जनता को हो रही है. नेता और अफसर तो काली कमाई करके महंगाई की मार से दूर खड़े हैं इसलिए उन्हें इसके दर्द का एहसास नहीं है.

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