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IPS officer Amitabh Thakur today filed a Writ petition in Lucknow bench of Allahabad High Court with prayer to direct the Central government not to extend the date for submission of property returns of central government employees, including IAS and IPS officers any further and to ensure that all these public servants submit their property return within time.

The petition says that as per section 44 of the Lokpal and Lokayukta Act 2013, every public servant is supposed to provide the property returns of himself along with his spouse and family members by 31st July every year. As per section 44(6) of the Act, these property returns are o be displayed on the concerned departmental websites.

Instead of this legal provision, the Central government has been extending the last date of submission again and again so that now last date for 2013-14 has been extended 6 times and that for 2014-15 has been extended 3 times. Recently it was extended once again on 12 April 2016.

Amitabh has called this highly improper and against the spirit of the Lokpal Act and has prayed the High Court to direct the Central government to comply with the provisions of Lokpal Act at the earliest.

लोकपाल एक्ट के अनुसार संपत्ति विवरण तत्काल भरे जाने हेतु याचिका

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने आज इलाहबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में याचिका दायर कर केंद्र सरकार को आईएएस, आईपीएस अफसरों सहित सभी केंद्रीय कर्मियों के संपत्ति विवरण प्राप्त करने की आखिरी तारीख न बढाने और सभी कर्मियों द्वारा समयबद्ध तरीके से संपत्ति विवरण दाखिल करने हेतु निर्देश देने की प्रार्थना की है.

याचिका के अनुसार लोकपाल और लोकायुक्त एक्ट 2013 की धारा 44 में कहा गया है कि सभी कर्मियों को अपने, अपनी पत्नी तथा परिवार के सदस्यों के संपत्ति विवरण प्रत्येक साल के 31 जुलाई तक अवश्य ही दायर करने हैं. धारा 44(6) के अनुसार प्रत्येक विभाग को ये संपत्ति विवरण अपने वेबसाइट पर प्रकाशित किये जाने के निर्देश हैं. 

इन कानूनी प्रावधानों के विपरीत केंद्र सरकार संपत्ति विवरण दाखिल करने की आखिरी तारीख लगातार बढ़ा रही है और अब तक वर्ष 2013-14 के विवरण हेतु 6 बार और 2014-15 के विवरण हेतु 3 बार तारीख बढ़ चुकी है. हाल में यह 12 अप्रैल 2016 को फिर से बढ़ाया गया.

अमिताभ ने कोर्ट से केंद्र सरकार को लोकपाल एक्ट के मंतव्य के अनुसार अब और तारीख न बढाने और तत्काल सभी कर्मियों से संपत्ति विवरण प्राप्त कर उसे सार्वजनिक करने के कानूनी प्रावधान का पालन करने हेतु निर्देशित करने की प्रार्थना की है.

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