दामिनी रेप कांड के विरोध में रायसीना हिल्स पर भीड़ के सैलाब ने सरकार और खुफिया तंत्र को हिलाकर रख दिया है। सरकारी मशनीरी हैरत में है कि बिना किसी नेतृत्व के इतनी बड़ी तादाद में जनता सिर्फ सोशल मीडिया के जरिये एकजुट हुए और राष्ट्रपति भवन के पास तक आक्रोश जाहिर करने पहुंच गये। सरकार और खुफिया तंत्र की ओर से सोशल मीडिया को खतरे के तौर पर देखा जा रहा है। इससे निपटने के लिए भी व्यापक विचार विमर्श इंटेलीजेंस और सरकार के बीच शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि देश के राजनीतिक और सांप्रदायिक माहौल को बिगाडऩे के लिए भविष्य में भी सोशल मीडिया अहम् भूमिका निभा सकता है। सुरक्षा के लिहाज से सोशल साइटें एक नयी चुनौती बनकर सरकार के सामने खड़ी हैं। इस बात की आशंका सोशल मीडिया साइटों पर निगरानी रखने वाली सरकारी एजेंसी ने जाहिर की है। रिपोर्ट में कहा गया है उग्र प्रदर्शन के पीछे इन साइटों का इस्तेमाल किया गया। भावनाओं को छू जाने वाले अनगिनत संदेशों के जरिये दिल्ली के यूथ को टारगेट किया गया। एजेंसी की रिपोर्ट पर कारगर कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। सरकार और तमाम खुफिया एजेंसियां उन कारणों पर गहन चिंतन मंथन कर रही है जिससे भविष्य में इस तरह की स्थितियों की पुनरावृत्ति न होने पाए।
मेरे कानों में मुसलमानों के एक घटिया नेता और झूठे खैख्वाह अकबरूद्दीन औवेसी की कड़वी भाषा रह रह कर गूंज रही है, यू ट्यूब पर जब से मैंने उस आस्तीन के सांप का जहर उगलता हुआ एक घण्टे का भाषण सुना तब से मेरा रोम-रोम विद्रोह किये हुये है, मेरा ही नहीं बल्कि तमाम वतनपरस्त और इंसानियतपरस्त लोगों का खून खौल रहा है, खौलना भी चाहिये क्योंकि कोई भी हरामजादा गीदड़ मुल्क के किसी भी कोने में अपने द्वारा जुटाई गई किराये की भीड़ के सामने शेर बनकर दहाड़ने की कोशिश करें तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए, अकबरूद्दीन औवेसी कहता है - मैं सिर्फ मुस्लिम परस्त हूं, उसे अजमल कसाब को फांसी दिये जाने का सख्त अफसोस है, वह टाइगर मेनन जैसे आतंकी का हमदर्द है, वह मुम्बई के बम धमाकों को जायज ठहराता है, देश के मुम्बई संविधान, सेकुलरिज्म और बहुलतावादी संस्कृति की खिल्ली उड़ता है। कहता है, हम तो दफन होकर मिट्टी में मिल जाते है मगर हिन्दू जलकर फिजा में आवारा की तरह बिखर जाते है, वह देश के दलितों व आदिवासियों को दिये गये रिजर्वेशन पर सवाल खड़े करता है और इन वर्गों की काबिलियत पर भी प्रश्न चिन्ह लगाता है।